Full — Palitana 5 Chaityavandan In Hindi ((top))

| क्रम | स्थान | आध्यात्मिक लाभ | |------|--------|------------------| | 1 | मूलनायक | क्रोध का नाश | | 2 | कुमारपाल टेक | मान (अहंकार) का नाश | | 3 | आनंदसागर | माया (छल) का नाश | | 4 | भक्ति भवन | लोभ का नाश | | 5 | मोक्ष टेक | |

पंचिंदिय मिच्छा दुक्कडं, मण-वय-कायं मिच्छा दुक्कडं, अहोरत्तं संठियं मिच्छा दुक्कडं, दिवसंचरियं मिच्छा दुक्कडं, सामाइयं पडिक्कमामि। palitana 5 chaityavandan in hindi full

यह सभी चैत्यवंदन का आधार है। पालीताना में पहले चैत्यवंदन के रूप में यह 'पंच परमेष्ठि' को समर्पित है। palitana 5 chaityavandan in hindi full

क्या आप इन चैत्यवंदन के palitana 5 chaityavandan in hindi full

हे भगवन्! उत्तम स्थान (मोक्षस्थान) में स्थित, अंतिम शरीरधारी जिनेंद्र भगवान को मैं वंदन करता हूँ। हे साधो! आप मुझ पर प्रसन्न हों।

उस शत्रुंजय पहाड़ी को, जो सभी शत्रु रूपी कर्मों का दहन करने वाली है, जहाँ जिनेन्द्र भगवान का विहार हुआ, उस क्षेत्र को मैं इस भवसागर (संसार) में नमस्कार करता हूँ।